लखनऊ, मार्च 16 -- 16 वर्षों बाद लौटे रहीमाबाद के रूसेना गांव निवासी मजदूर शिवनाथ (40) के घर पर सोमवार सुबह आसपास गांव के पुराने दोस्तों का तांता लगा रहा। परिवार व दोस्तों ने मरा समझ कर उसके लौटने की आस छोड़ दी थी। शिवनाथ रात भर सो नहीं सका। नींद आते ही वह एक अनजाने डर के कारण उठकर बैठ जाता। फिर मां ने गोद में सिर रखकर शिवनाथ को सुलाने की कोशिश की लेकिन शिवनाथ सुकून से झपकी तक नहीं ले सका। मां कलावती ने बताया कि बेटे शिवनाथ के आने की खुशी जाहिर नहीं की जा सकती है। बीते 16 वर्षों से हम लोग शिवनाथ के न होने का गम हर रोज सताता रहता था। शिवनाथ के वापस आने के बाद पूरे परिवार में मानो त्योहार जैसा माहौल है। मां कलावती ने बताया कि अभी बेटे पर किसी प्रकार का बोझ नहीं डालेंगे। जिससे बेटे को बाहर कहीं जाना पड़े। बेटे के खोने के गम में कुछ वर्ष पहले ...
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