मां की बेइज्जती ने बनाया IPS , पहले प्रयास में बिना कोचिंग UPSC क्रैक, पति भी हैं आईपीएस अफसर
नई दिल्ली, जुलाई 10 -- एक बच्ची अपनी मां के साथ उसी बस में सफर कर रही थीं जिसमें उनके पिता कंडक्टर थे। बस में खड़े एक अनजान शख्स ने उनकी मां की सीट के पीछे अपना हाथ सपोर्ट के लिए पकड़ा हुआ था। मां ने उस व्यक्ति से बेहद विनम्रता के साथ अनुरोध किया कि वो अपना हाथ वहां से हटाकर बाहर को पकड़ ले। इस पर उस व्यक्ति ने बदतमीजी से कहा, "आप क्या डीसी लगी हुई है कि मैं आपकी बात सुन के आपकी बात मान जाऊं?"। मां के अपमान पर बच्ची बेबस थी। उसके मन में यह सवाल बैठ गया कि यह डीसी कौन होता है जिसकी बात सब मानते हैं। डीसी आमतौर पर भारतीय प्रशासनिक सिस्टम में डिप्टी कमिश्नर या डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को कहा जाता है। यही वो पल था जब शालिनी अग्निहोत्री नाम की उस बच्ची ने आईपीएस अफसर बनने की ठान ली। 10वीं कक्षा तक आते-आते उन्हें समझ आ गया कि डीसी और एसपी के पद प्रश...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.