इटावा औरैया, मई 2 -- इटावा। इटावा सफारी पार्क रेस्क्यू किए गए लेपर्डों का सबसे बड़ा आशियाना बन गया है। यहां रेस्क्यू में घायल लेपर्डों का इलाज कर उन्हें सेहतमंद भी किया जा रहा है। मां के छोड़े शिशु लेपर्डों को भी पाल-पोस कर बड़ा किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला करीब 15 माह पहले आया। बिजनौर से लाई गई लैपर्ड शिशु शैलजा को उनकी मां ने ठुकरा दिया था। इटावा सफारी पार्क में उसे ममता की छांव मिली। आज शैलजा पूरी तरह स्वस्थ है और सफारी में उछल कूद करते हुए देखी जाती है। इस समय स्थिति ये है कि प्रदेश के किसी भी भाग में लेपर्ड रेस्क्यू किए जाते हैं तो उन्हें इटावा सफारी पार्क ही भेजा जाता है। तीन मई के विश्व तेंदुआ दिवस है, ये दिन हमें तेंदुए के संरक्षण की याद दिलाता है। यह भी पढ़ें- सफारी में घायल तेंदुआ की काटी गई पूंछ, बीमार शेर का इलाज जारीलेपर्ड...