मां की गोद बच्चे की पहली तालीगाह होती है
गोरखपुर, जुलाई 12 -- गोरखपुर। तुर्कमानपुर स्थित मदरसा रजा-ए-मुस्तफा में रविवार को महिलाओं की 34वीं महाना दीनी संगोष्ठी का आयोजन हुआ। अध्यक्षता आस्मा खातून ने की। मुख्य वक्ता आलिमा अरबिया फातिमा ने कहा कि मां की गोद बच्चे की पहली तालीमगाह होती है। घर का माहौल जितना दीनी और पाकीजा होगा, आने वाली नस्ल उतनी ही बेहतर बनेगी। शिफा खातून ने महिलाओं से दीन की तालीम हासिल करने और उसे अपने जीवन में अमल के साथ अपनाने की अपील की। संगोष्ठी में मुबश्शिरा कुरैशी, फिजा खातून, उम्मे ऐमन, ज्या वारसी, जिक्रा शेख, अख्तरुन निसा, शबाना खातून, रजिया, अस्गरी खातून, आस्मा खातून, तस्मी, फलक, नूरी, नूर अज्का, आलिया, खुशी नूर, मुस्कान, तैबा नूर आदि उपस्थित रहीं।
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