बक्सर, मार्च 23 -- चैत्र नवरात्र बक्सर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। चैत्र नवरात्रि के छठे दिन यानी आज मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा का विधान होता है। महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथम इनकी पूजा की और इसी कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा। सोहनीपट्टी स्थित पंडित रामप्रकाश ओझा ने बताया कि चैत्र नवरात्रि का प्रत्येक दिन देवी के एक विशेष स्वरूप की साधना के लिए समर्पित होता है। आज यानी छठे दिन मां कात्यायनी की उपासना का विधान है। जो शक्ति, सौंदर्य और साहस की प्रतीक मानी जाती हैं। इस दिन साधक का मन आज्ञा चक्र में स्थित होकर उच्च आध्यात्मिक चेतना की ओर अग्रसर होता है, जिससे भक्ति और आत्मसमर्पण की भावना प्रबल होती है। आज्ञा चक्र में स्थित मन वाला साधक मां कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है। परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे भक्त को ...