लखीसराय, मार्च 25 -- चानन, निज संवाददाता। मां दुर्गा के छठे स्वरूपा माता कात्यानी की पूजा विधि -विधान से की गई। मां कात्यायनी को नवरात्रि की योद्धा देवी के रूप में पूजा जाता है, जो नकारात्मकता का नाश करती हैं और अपने भक्तों को शक्ति और स्पष्टता प्रदान करती हैं। मान्यता है कि माता के दिव्य स्वरूप का ध्यान करने से अज्ञानता, असंतोष, तमस जैसे दुर्गुण समाप्त होते हैं। वहीं कर्म व ज्ञान रूपी प्रकाश से जीवन खुशहाल हो जाता है। त्याग, तपस्या व सद्कर्म की प्रेरणा देने वाली देवी कात्यायनी के पूजन के लिए मंगलवार की सुबह से ही मंदिरों में भीड़ जुटने लगी। भक्तों ने माता रानी की विधि विधान से पूजा अर्चना कर परिवार एवं समाज में खुशहाली की कामना की।
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