इटावा औरैया, जून 24 -- इटावा। श्री पुरुषोत्तम मास अखंड कीर्तन समिति पंसारी टोला के तत्वावधान में छैराहा के पास स्थित लॉर्ड कृष्णा मैरिज होम में हो रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास ऋतु पाण्डेय ने कहा कि जिस घर में सुनीति अर्थात सुंदर नीति और संस्कारों वाली गृहिणी होती, वहां ध्रुव जैसा प्रतापी भक्त पैदा होता है, जो अपनी कई पीढ़ियों को तार देता है और परमपिता की गोद में बैठता है।

कथा का उद्देश्य आचार्य ऋतु पाण्डेय ने कहा कि राजा उत्तानपाद की धर्मपरायण रानी सुनीति के गर्भ से बालक ध्रुव ने जन्म लिया, लेकिन जब उसकी विमाता सुरुचि ने ध्रुव को पिता उत्तानपाद की गोद से उतार दिया और कहा है कि गोद में बैठना है तो मेरे पेट से जन्म लेना होगा। तब सुनीति ने दुखी हुए ध्रुव को परमात्मा की तपस्या के लिए भेज दिया, जहां नारद जी मिल गए, और उन्होंने ध्रुव को ...