गंगापार, अप्रैल 16 -- मांडा पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में गर्मी बढ़ने के साथ ही जलस्तर नीचे जाने के कारण कुंओं और हैंडपंपों के सूखने का सिलसिला शुरू हो गया है। हर साल गर्मी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र के तमाम गांवों में स्थानीय प्रशासन को टैंकर से पेयजल उपलब्ध कराना पड़ता है। कुंओं और हैंडपंपों के सूखने के साथ ही पेयजल संकट गहराना शुरु हो गया है। जनपद के दक्षिणी पहाड़ी भूभाग में स्थित मांडा विकास खंड क्षेत्र के लगभग तीन दर्जन पहाड़ी गांवों में हर साल अप्रैल खत्म होते होते पेयजल संकट गहराने लगता है। नदी , तालाबों और नहरों में पानी न होने से मांडा क्षेत्र का जलस्तर अप्रैल बीतते बीतते काफी नीचे चला जाता है। यह भी पढ़ें- -चार दिन से पूरनपट्टी में हर घर नल जल का पानी ठप जलस्तर नीचे जाने के साथ ही गांवों के कुंओं और हैंडपंपों का पानी मटमैला होना ...
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