घाटशिला, मार्च 23 -- धालभूमगढ़। वन विश्रामागार परिसर धालभूमगढ़ में जितेंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में रविवार को मांझी एवं परगना बाबाओं के साथ एक बैठक की गई। बैठक में 2025 पेसा कानून के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। पेसा कानून 2025 में आदिवासी समाज की रूढ़िवादी सामाजिक व्यवस्थाओं को नजर अंदाज किए जाने का आरोप लगाया गया। उपस्थित बाबाओं ने अपने विचार रखें। मांझी एवं परगना बाबाओं ने सरकार से मांग की कि आदिवासी परंपरा एवं सामाजिक व्यवस्था के अनुसार मांझी बाबा, परगना बाबा, तरफ बाबा आदि की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें। मौके पर गणेश हेंब्रम, लूथा मुर्मू, मताल मुर्मू, सालखान किस्कू, हडाम मुर्मू, कांदे किस्कू, सनत कुमार मांडी, चंद्र मोहन बेसरा, बसंती मुर्मू, डुमनी मुर्मू सहित अनेक माझी एवं परगना बाबा उपस्थित थे।
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