रायबरेली, जून 20 -- रायबरेली संवाददाता। किसानों को रासायनिक खाद की जगह जैविक व हरी खाद को सरकार भले ही बढ़ावा दे रही हो, लेकिन सच्चाई ये है कि किसानों को समय पर ढैंचे का बीज तक नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे मांग के अनुरूप आपूर्ति न मिलने तो कारण है ही, साथ ही सर्वर की समस्या ने किसानों के अरमानों पर पानी फेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। परिणाम यह हुआ कि जो बीज आया था वह तो बंट गया, लेकिन सैकड़ों किसान मायूस हो गए। दूसरी ओर कई जगह अब धान के बीज के लिए भी किसानों को माथापच्ची करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि पहले वह आवेदन के लिए भटकते रहे। अब पंजीकरण कराने के लिए सर्वर डाउन होने के चलते दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बाद भी उनकी बुकिंग नहीं हो पा रही है।

धान का बीज गायब कई केंद्रों से धान का बीज भी हुआ गायब :दरअसल, इस बार ज...