नई दिल्ली, फरवरी 26 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा केवल कूटनीतिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सैन्य शक्ति को एक नई दिशा देने वाली साबित हो रही है। बुधवार को तेल अवीव पहुंचते ही यह स्पष्ट हो गया कि दोनों देश एक ऐसे ऐतिहासिक रक्षा समझौते की दहलीज पर हैं, जो सुरक्षा संबंधों को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इस बार जोर हथियारों की खरीद पर नहीं, बल्कि उन 'एक्सक्लूसिव' तकनीकों के हस्तांतरण पर है, जिन्हें इजरायल ने अब तक किसी अन्य देश को साझा नहीं किया है। इजरायली संसद 'नेसेट' में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने इस साझेदारी की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, "आज की अनिश्चित दुनिया में, भारत और इजरायल जैसे भरोसेमंद साझेदारों के बीच एक मजबूत रक्षा साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।"'सुदर्शन चक्र' के जरिए बनेगा अभेद्...