पाकुड़, अगस्त 7 -- महेशपुर, एक संवाददाता। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपए खर्च कर चलाई जा रही योजनाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। प्रखंड क्षेत्र के मानिकपुर गांव में पीएचडी विभाग द्वारा लगभग आठ वर्ष पूर्व निर्मित पानी टंकी आज अतिक्रमण की चपेट में है। हालत यह है कि जिस योजना से गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद थी, वही योजना विभागीय उदासीनता और अतिक्रमण के कारण दम तोड़ती नजर आ रही है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी टंकी का निर्माण गांव के ही खाईरुल आलम के जमीन पर पेयजल संकट दूर करने के उद्देश्य से किया गया था। शुरुआत में लोगों को उम्मीद थी कि हर घर तक नियमित रूप से स्वच्छ पानी पहुंचेगा, लेकिन समय बीतने के साथ योजना उपेक्षा का श...