खगडि़या, मई 8 -- महेशखूंट। एक प्रतिनिधि आखिर महेशखूंट में बेकार पड़े सरकारी बस स्टैंड कब तक चालू होगा। बस स्टैंड न होने के कारण यात्रियों और आम जनता को कई तरह की गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में देखी जाती है, जहां बुनियादी ढांचे की कमी है।

बस स्टैंड की समस्या बस स्टैंड न होने से यात्रियों को धूप, बारिश और ठंड में सड़क के किनारे खुले में बस का इंतजार करना पड़ता है। सड़क के किनारे खड़े होकर बस पकड़ने के कारण दुर्घटना होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड के जीर्णोद्धार में अधिकारियों की रूचि नहीं लोगों को झेलनी पड़ रही है खासी परेशानी वर्ष 1985 में तीन करोड़ की लागत से बना लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है।

बस स्टैंड का निर्माण उत्तर बिहार को जोड़ने वाले एनएच-31...