गोरखपुर, मई 11 -- गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। उत्तर प्रदेश जल निगम ने मानसून से पहले गोरखपुर में जलभराव और राप्ती नदी में प्रदूषण की समस्या कम करने के लिए महेवा-कटनिया परियोजना को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। विभाग महेवा-कटनिया रेग्युलेटर पर स्थापित 10 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और 27 एमएलडी क्षमता के मास्टर पम्पिंग स्टेशन (एमपीएस) का ट्रायल भी शुरू हो गया है। लैंड स्केपिंग और प्रवेश द्वार के निर्माण का शेष कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

परियोजना की लागत और स्थिति राप्ती नदी के मलौनी बांध पर करीब 53 करोड़ रुपये की लागत से महेवा-कटनिया नाला इंटरसेप्शन, डायवर्जन एवं ट्रीटमेंट परियोजना पर काम चल रहा है। यहां 2.46 एकड़ जमीन पर एसटीपी और पम्पिंग स्टेशन बना कर उसका ट्रायल रन भी शुरू हो चुका है। इस परियोजना के लिए नगर निगम ...