रांची, मार्च 30 -- रांची, संवाददाता। हाईकोर्ट परिसर में महिला वकील से बदसलूकी से जुड़े 14 साल पुराने चर्चित मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता महेश तिवारी को अदालत ने सोमवार को दोषी करार कर दो साल कैद की सजा सुनाई। न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत ने भादवि की पांच धाराओं में दोषी पाकर सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 19,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को अतिरिक्त 123 दिन के साधारण कारावास की सजा काटनी होगी। फैसले में अदालत ने कहा कि आरोपी एक अधिवक्ता होने के बावजूद अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने में विफल रहा। घटना सार्वजनिक और पेशेवर माहौल में हुई, जिससे न सिर्फ पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंची, बल्कि न्यायिक का वातावरण भी प्रभावित हुआ। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की गरिमा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की नरमी...