महिला वकीलों के लिए बार रूम को राशि आवंटित करें राज्य
नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे जिला और तालुका अदालतों में महिला वकीलों के लिए बार रूम, वॉशरूम और अन्य बुनियादी सुविधाएं बनाने को फंड आवंटित करें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने महिला वकीलों के लिए बार रूम न होने पर नाराजगी जताई और कहा कि महिला वकीलों की संख्या चाहे जो भी हो, उन्हें सुविधाएं दी जानी चाहिए। पीठ ने कहा कि अगर महिला वकीलों के लिए बार रूम नहीं हैं, तो हम इस पर कड़ी आपत्ति जताते हैं। सभी उच्च न्यायालयों और राज्य सरकारों का यह कर्तव्य है कि वे सुनिश्चित करें कि जहां भी महिला वकील प्रैक्टिस कर रही हैं, उन्हें सभी सुविधाओं से लैस एक अलग बार रूम मिले। यह एक अनिवार्य निर्देश है। हम इससे पीछे ...
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