नई दिल्ली, मार्च 7 -- सब इंस्पेक्टर किरण सेठी ने दी नई जिंदगी नई दिल्ली। अभिनव उपाध्याय15 अगस्त 2012 को जब देश आजादी का जश्न मना रहा था तब जीबी रोड के एक कोठे पर कर्नाटक की रहने वाली दीप्ति (बदला हुआ नाम) की जिंदगी एक कमरे में कैद हो गई। उनको देह व्यापार में धकेल दिया गया। लेकिन संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान के साथ खड़ी दीप्ति अब राजधानी में अपने जैसी महिलाओं को काम देने और मुख्य धारा में लाने जज्बे के साथ दिल्ली सड़कों पर ई रिक्शा चला रही है।दीप्ति बताती है कि मैं जो पैसा बचाती हूं उससे बच्चों की परवरिश करती हूं कुछ और बचे पैसों से नया रिक्शा खरीदना चाहती हूं। ताकि मेरे जैसी और महिलाएं इसे चलाकर जीवनयापन कर सकें। दीप्ति सिंगल मदर हैं और दो बच्चों का पालन भी करती हैं। वह बताती हैं कि यदि आप कुछ बेहतर करने की ठान लें तो अच्छे लोग साथ देने वाल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.