बागपत, मार्च 7 -- बागपत। अब पुरानी धारणा बदल रही हैं। बेटियां बोझ नहीं, बल्कि लक्ष्मी कही जाती हैं। जिले की बेटियां लगातार एक से बढ़कर एक सफलताओं के झंडे गाड़ रहीं हैं। बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि वह बेटों से कम नहीं है। शिक्षा के मंदिर से खेल के मैदान तक बेटियां सफलता की उड़ान भर रही है। साहित्य के क्षेत्र में एक से बढ़कर एक पुरस्कारों की झड़ी लगाने वाली लड़कियां हो या फिर खेल के मैदान में प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ देश का परचम लहरानी वाली बेटियां, हर किसी ने अपने-अपने क्षेत्र में जनपद का नाम रोशन किया है। कभी परंपराओं में सीमित मानी जाने वाली महिलाओं ने अब हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनानी शुरू कर दी है। जिले की कई महिलाएं सेवा, शिक्षा, कृषि, स्वरोजगार और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे समाज का न...
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