जमशेदपुर, मार्च 6 -- झारखंड हाईकोर्ट ने एक महिला को मानसिक अस्पताल में कथित रूप से अवैध तरीके से भर्ती किए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी को निर्देश दिया है कि महिला और उसकी मां को सुरक्षित अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष पेश किया जाए। साथ ही मामले में पुलिस अधिकारियों के आचरण की जांच कराने का भी निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी। प्रार्थी रंजीत सिंह ने बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनकी मंगेतर को उसके परिवार ने संपत्ति विवाद के कारण मानसिक रूप से स्वस्थ होने के बावजूद रांची स्थित मानसिक अस्पताल में भर्ती करा दिया। याचिका के अनुसार दोनों की मुलाकात वर्ष 2023 में एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट ...
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