महिला को अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने का अधिकार, हाईकोर्ट ने रेप पीड़िता को गर्भपात की दी अनुमति
विधि संवाददाता, मई 31 -- UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Sk 16 वर्षीय रेप पीड़िता को गर्भसमापन की अनुमति दी है। साथ ही कहा है कि किसी महिला को अपने शरीर और प्रजनन से जुड़े फैसले लेने का पूरा अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले जीवन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता के अधिकार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सविता पाठक ने मेडिकल रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया गया कि पीड़िता करीब सात सप्ताह की जुड़वा गर्भावस्था से गुजर रही थी। 19 मार्च को प्रयागराज के जिला महिला अस्पताल में किए गए अल्ट्रासाउंड में दोनों भ्रूण जीवित पाए गए थे। सुनवाई कर रहीं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू कनौजिया ने कहा कि महिलाओं की शारीरिक स्वायत्तता और प्रजनन संबंधी निर्णयों का सम्मान क...
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