नई दिल्ली, मई 21 -- शादी के बाद महिला का अपने नाम के साथ पति का सरनेम जोड़ना एक सामान्य सामाजिक परंपरा है, लेकिन दिल्ली की एक महिला के लिए यही परंपरा और बदलाव एक बड़ी परेशानी का सबब बन गया। बीमा कंपनी ने सिर्फ नाम में अंतर का हवाला देकर महिला की मैच्योर हुई जीवन बीमा पॉलिसी की लाखों रुपये की राशि रोक दी। इसके चलते महिला को इंसाफ पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी और अंत में उसकी जीत हुई और उसके हक में फैसला सुनाया गया। यह भी पढ़ें- बचपन में हुई गलती को जीवनभर का कलंक नहीं बनाया जा सकता : दिल्ली हाईकोर्टउपभोक्ता के वैध दावे को रोका नहीं जा सकता : आयोग उत्तर-पूर्वी जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इसे सेवा में कमी का दोषी मानते हुए बीमा कंपनी को ब्याज सहित पूरी बीमा राशि लौटाने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष सुरिंदर कुमार शर्मा और...