मुजफ्फर नगर, अगस्त 31 -- कोर्ट ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में पति को दोषी ठहराया है, जबकि ननद को दोषमुक्त कर दिया। वहीं विवाहिता की सास की मौत होने के बाद उसकी फाइल को बंद कर दिया था। एडीजीसी कुलदीप कुमार ने बताया कि शाहपुर थाने में दिलशाद ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी बेटी शहजादी की शादी 10 जनवरी 2015 को नदीम निवासी सितारा मस्जिद, कस्बा शाहपुर साथ हुई थी। शादी के बाद उसकी बेटी का ससुराल पक्ष के लोग उत्पीड़न करते थे। दहेज में बाइक व एक लाख रुपये मांगते थे। उसकी बेटी ने पुत्र को जन्म दिया, उसके बाद भी ससुराल के लाेग तंग करते थे। आरोप था कि 23 जुलाई 2018 की रात के लगभग 8.00 बजे उसकी बेटी शहजादी को पति नदीम समेत ननद, व सास ने मारपीट की तथा मिटटी का तेल छिड़कर जला दिया। उसकी बेटी काे मेरठ के आनंद अस्पताल में छोड़कर...