देहरादून, अप्रैल 15 -- महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में युगांतकारी कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंचों पर महिलाओं की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक परिवर्तन है। मुख्यमंत्री बुधवार को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की ओर से राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की मातृशक्ति के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल है। यह भी पढ़ें- शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा ...
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