लातेहार, अप्रैल 18 -- लातेहार, संवाददाता। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित विपक्षी दलों पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि यह विधेयक लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी। इससे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलती, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका समर्थन नहीं कर इस प्रयास को झटका दिया। इसे देश की आधी आबादी की आकांक्षाओं के प्रति उदासीनता बताया गया है। यह भी पढ़ें- विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी : जदयू देवेश तिवारी, सदस्य, राज्य स्तरीय दिशा समिति (ग्रामीण विकास मंत्रालय) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के...
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