फरीदाबाद, अप्रैल 18 -- फरीदाबाद/नूंह,सरसमल। संसद में शुक्रवार को महिला आरक्षण संशोधन बिल गिरने पर फरीदाबाद मंडल के जिलों में भी चर्चा तेज हो गई है। शनिवार को इसके पक्ष और विपक्ष में लोग बहस करते दिखाई दिए। बिल पास नहीं होने पर किसी ने महिलाओं को उनके हक से महरूम करने के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया है तो किसी ने इसे सियासी लाभ उठाने के लिए जल्दबाजी में उठाया गया कदम करार दिया। हालांकि महिलाओं को उनका हक मिले, इसके लिए कमोबेश सभी की रजा दिखी। संसद में महिला आरक्षण विधेयक गिरने को महिलाओं के अधिकारों को राजनीतिक भ्रूण हत्या बताया। यह सिर्फ एक बिल की हार नहीं, बल्कि बराबरी चाहने वाली महिलाओं की आवाज दबाने जैसा है। यह भी पढ़ें- लोकतंत्र को कलंकित होने से बचा लिया गया : सोनाल शांति कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिला विरोधी है। महिलाओं के...
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