नई दिल्ली, अप्रैल 19 -- लोकसभा में 33% महिला आरक्षण को तुरंत प्रभावी बनाने के सरकार के प्रयासों को एक बड़ा झटका लगने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। संविधान संशोधन विधेयक के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण यह लोकसभा में गिर गया। सदन में सरकार के पक्ष में 298 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 230 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट डाला। इस हार के अगले ही दिन केंद्र सरकार ने एक विस्तृत 'एफएक्यू' (FAQs) जारी कर अपनी मंशा और भविष्य की योजनाओं को स्पष्ट किया है।विधेयक को तुरंत लाने की क्या थी वजह? मौजूदा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के अनुसार, आरक्षण जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू होना था। सरकार का तर्क है कि यदि वह जनगणना का इंतजार करती तो महिलाएं 2029 के आम चुनाव में इस आरक्षण का लाभ नहीं उठा पातीं। इसीलिए सरकार ने 16 अप...
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