मुजफ्फरपुर, मार्च 8 -- मुजफ्फरपुर। ग्रामीण महिलाओं ने 43 हजार बच्चों को संकट से उबारा और उनकी लगातार निगरानी कर तंदरुस्त बनाया। जीविका से जुड़ी महिलाओं को 20-20 बच्चों की वृद्धि की निगरानी का जिम्मा दिया गया था।जिले में महिलाओं द्वारा एक साल की देखरेख में सात महीने से दो साल तक के 43,635 बच्चे अब तंदरुस्त हो चुके हैं। महिलाओं की एक साल की निगरानी में जिले में पिछले साल की अपेक्षा इस साल 11 हजार अधिक बच्चे पोषित की श्रेणी में आए हैं। इस साल ऐसे बच्चों की संख्या 30 फीसदी से अधिक बढ़ी है। पिछले साल लगभग 32 हजार बच्चे पोषित की श्रेणी में थे। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए ग्रामीण महिलाओं को कम्यूनिटी हेल्थ वर्कर बनाया गया और इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग भी दी गई। महिलाओं को घरों में जाकर बच्चों को चिन्हित करने का पहले जिम्मा मिला। इसमें जिस घर मे...