बागपत, मई 28 -- मंगलवार को नगर में विधि विधान से अमावस्या के दिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत रखा। महिलाओं ने वट वृक्ष को जल अर्पित कर उसके चारों ओर लाल और पीला धागा बांध कर स्तुति की। इसके उपरांत अपने अपने घरों में व्रत की कथा सुनी। शास्त्रों और पुराणों के अनुसार सनातन धर्म में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए यह व्रत करती है। सुहागिन महिलाओं ने सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि कर घर में पकवान बनाए। उसके बाद वट वृक्ष की सात या पांच पत्तों की टहनी को कलश में रखकर घर में बने मंदिर में रखी। व्रत की कथा पढ़कर पूजा अर्चना कर अपने पति की लंबी आयु की मनोकामना मांगी। सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष को धागा बांध कर परिक्रमा कर जल अर्पित करते हुए पूजन किया। इसी भावना के साथ अधिकांश महिलाओं ने वट वृक्ष की टहनी को ही पीले धागे से बांधकर परिक्रम...
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