महिलाओं ने जितिया गुंथवाकर पूजन सामग्री की खरीद की
भभुआ, अक्टूबर 2 -- सूर्योदय काल में जो अष्टमी तिथि भोग करती है, उसे ही जीवितपुत्रिका व्रत के रूप में मनाया जाना चाहिए, अन्यथा फल नहीं मिलता है नहाय-खाय के साथ जीवितपुत्रिका व्रत शुरू किया, आज रखेंगी उपवास संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करेंगी (पेज चार की बॉटम खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। कैमूर की महिलाओं ने नहाय-खाय के साथ शुक्रवार से जीवितपुत्रिका व्रत शुरू किया। महिलाएं स्नान करने के बाद सतपुतिया ग्रहण किया। इस पर्व में मड़ुआ की रोटी, नोनी का साग और कद्दू की सब्जी खाने की विशेष परंपरा है। यह भी पढ़ें- Jitiya Vrat Katha: जीमूतवाहन राजा की जीवितपुत्रिका व्रत की संपूर्ण कहानी, जो नारद जी ने सुनाईमहिलाओं की उपासना दूसरे दिन शनिवार को माताएं पूरे दिन और रात बिना पानी के (निर्जला) कठोर उपवास रखेंगी। इस दौरान भगवा...
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