गंगापार, सितम्बर 2 -- बुधवार को पुत्रों की दीर्घायु के लिए माताओं ने ललही छठ का व्रत किया। महिलाएं पूजा कर संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। बताया जाता है कि बलराम जी का मुख्य शस्त्र हल और मूसल है। इसलिए उन्हें हलधर भी कहा जाता है और उन्हीं के नाम पर इस पावन पर्व का नाम हलषष्ठी पड़ा है। हलषष्ठी के दिन माताओं को महुआ की दातुन और महुआ खाकर पूजा किया। मान्यता है कि हल षष्ठी ललही छठ का व्रत रखकर महिलाएं संतान की सुरक्षा और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त करती है। इस व्रत को करने से संतान को रोग, भय और अनिष्ट से मुक्ति मिलती है। यह भी पढ़ें- ललही छठ पर महिलाओं ने रखा व्रत इसके अलावा, यह व्रत घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।व्रती महिलाएं प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण किया इसके बाद वे कु...