गंगापार, अप्रैल 15 -- जब तक समाज में महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और निर्णय लेने की स्वतंत्रता नहीं मिलेगी, तब तक समग्र विकास की परिकल्पना अधूरी रहेगी। उक्त बातें बाजार स्थित राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो आशीष जोशी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में कही। कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल है, जो समाज में समानता, न्याय एवं सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करेगा। प्रो जोशी ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि युवा शक्ति परिवर्तन की सबसे बड़ी वाहक है, अतः वे इस अधिनियम की जानकारी जन-जन तक पहुंचाकर एक समतामूलक समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। यह भी पढ़ें- छात्राओं को अधिकारों के प्रति किया जागरूक इस अवसर प...