कुशीनगर, अप्रैल 15 -- पडरौना, निज संवाददाता।2026 का यह वर्ष भारतीय राजनीति के इतिहास में सुनहरे अध्याय की शुरुआत कर रहा है। मातृशक्ति के वर्षों का संघर्ष लोकसाधना की सिद्धि का वर्ष है, जिसे मोदी सरकार ने दृष्टि दी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम न सिर्फ महिलाओं को अधिकार देगा, बल्कि देश की नियति भी बदल देगा।ये बातें शहर के यूएनपीजी कॉलेज की प्राचार्या प्रो. ममता मणि त्रिपाठी ने कहीं। वह मंगलवार को अपने कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियत को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि 27 वर्षों तक चली बहस के बाद भारतीय जनता पार्टी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के बदौलत यह बिल पास हुआ है। यह भी पढ़ें- महिलाओं के आरक्षण से होगा विकास: भाजपा इसके लिए देश की महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दे रहीं हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति...
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