रांची, जनवरी 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गए। अपने विदाई भाषण में जस्टिस चौहान ने न्यायपालिका की संवेदनशीलता, महिलाओं के सम्मान और न्यायालय परिसर में बुनियादी सुविधाओं के महत्व पर विशेष जोर दिया। चीफ जस्टिस ने कहा कि कोई भी संस्था तब तक पूर्ण नहीं हो सकती, जब तक वहां महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता न हो। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि कोर्ट परिसर में बच्चों के लिए क्रेच, महिला वकीलों के लिए सुसज्जित कमरे और 'फीडिंग रूम' जैसी बुनियादी सुविधाओं का अब भी अभाव है, जिनमें सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अपने बचपन की यादें साझा करते हुए बताया कि ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों के बावजूद शिक्षा उनके परिवार के लिए सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता रही। जस्टिस चौहान ने यह भी कहा ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.