नई दिल्ली, जुलाई 21 -- राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की एक विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) और आईवीएफ सेवाओं के नैतिक, विनियामक और चिकित्सा पहलुओं की जांच के लिए तीन विशेष समूह बनाए। ये समूह विशेषतौर पर महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यह निर्णय एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर द्वारा बुलाई गई एआरटी, आईवीएफ क्लीनिक और महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा पर बनी विशेषज्ञ समिति की पहली बैठक में लिया गया। समूह एआरटी और आईवीएफ सेवाओं से जुड़े मौजूदा कानूनी और नियामक ढांचे की समीक्षा करेगा, लागू करने के तरीकों का आकलन करेगा, खामियों की पहचान करेगा और उचित कानूनी, संस्थागत और नीतिगत सुधारों की सिफारिश करेगा।

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