रुद्रपुर, मार्च 21 -- पंतनगर, संवाददाता। विश्व जल दिवस पर उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद (बायोटेक) के वैज्ञानिक डॉ. मणिंद्र मोहन शर्मा ने कहा कि जल और लैंगिक समानता का गहरा संबंध है। उन्होंने बताया कि जल संकट केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं है, साथ ही यह सामाजिक असमानता और मानवाधिकारों से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है। डॉ. शर्मा ने कहा कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षित और स्वच्छ पानी की उपलब्धता नहीं होती, वहां इसका सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण महिलाओं और लड़कियों पर पड़ता है। उन्हें पानी लाने, उसके प्रबंधन और जलजनित बीमारियों से प्रभावित लोगों की देखभाल में अपना समय, स्वास्थ्य और अवसर गंवाने पड़ते हैं।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जल से जुड़े निर्णयों, नीतियों और बुनियादी ढांचे में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में पानी के प्रबंधन म...
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