महिलाओं की रसोई भी रसायन प्रयोगशाला
वाराणसी, मार्च 19 -- वाराणसी। वसंत कन्या महाविद्यालय में छह दिवसीय लिंग-संवेदनशीलता अनुसंधान कार्यक्रम के तीसरे दिन गुरुवार को 'महिलाएं, लिंग और विज्ञान' विषय पर परिचर्चा हुई। मुख्य अतिथि बीएचयू के प्रो. ध्रुव कुमार सिंह ने कहा कि रसोईघर को 'रसायन प्रयोगशाला' के रूप में देखा जा सकता है। यह पाक-कला विज्ञान का सरल उदाहरण है। कहा कि विज्ञान जीवन में हर जगह है। विज्ञान एक सार्वभौमिक ज्ञान है, जिसका किसी राष्ट्र या लिंग से संबंध नहीं होता है। इसका विकास निरंतर परिवर्तन और प्रयोग के माध्यम से होता है। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. नैना गुप्ता ने 'स्वास्थ्य संचार और लिंग: स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर पर केंद्रित अध्ययन' विषय पर विचार रखे। बताया कि स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ती बीमारियां...
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