जहानाबाद, अप्रैल 15 -- नारी शक्ति वंदन अधिनियम से भारतीय लोकतंत्र बनेगा अधिक समावेशी, संवेदनशील और संतुलित डॉ. आंबेडकर का चिंतन मूलत: वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किकता और प्रमाण आधारित सोच पर आधारित था जहानाबाद, नगर संवाददाता। स्थानीय स्वामी सहजानंद सरस्वती महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय महिला आरक्षण विधेयक, 2023 का क्रियान्वयन (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) रहा, जिसने वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में महिला सशक्तिकरण के प्रश्न को केंद्र में स्थापित किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एनएसएस की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रीति रानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक संवैधानिक प्रावधान नहीं, बल्कि भा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.