औरंगाबाद, फरवरी 13 -- शिवालयों में सजावट शुरू, निशीथ काल में होगी विशेष रात्रि पूजा और जलाभिषेक अंबा, संवाद सूत्र महाशिवरात्रि का पावन पर्व रविवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पवित्र विवाह उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत, जप और रात्रि जागरण करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार महाशिवरात्रि की पूजा निशीथ काल में करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ शनिवार देर रात से होकर रविवार तक रहेगा। निशीथ काल में रात्रि पूजा का विशेष महत्व है। परंपरा के अनुसार चार प्रहर की पूजा की जाती है और प्रत्येक प्रहर में अलग-अलग विधि से अभिषेक होता है। प्रातःकाल से श्रद्धालु उपवास रखकर शिवालयों में जल,...