महावीर प्रभु का कोई मार्ग हिंसा से होकर नहीं गुजरता, सुनने की भी आदत डालो
एटा, अगस्त 11 -- जानकी दास चैत्यालय में दो दिवसीय कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर मंदिर में श्रीजी का मंगल अभिषेक, बृहद शांति धारा, पूजन हुआ। इस दौरान आचार्य नयन सागर महाराज ने श्रावकों को बताया कि धर्म का प्रभाव अचिंत्य है। जैन परंपरा के अनुसार सभी को वर्षा योग 2026 के महायज्ञ में एक आहुति अवश्य डालनी है। आचायश्री ने बताया कि जैन धर्म का यह यज्ञ सदियों से चल रहा है चलता रहेगा। हम रहे न रहे इस यज्ञ को कोई रोक नहीं सकता। महावीर प्रभु का कोई भी मार्ग हिंसा से होकर नहीं गुजरता है। सिर्फ सुनाने की नहीं सुनने की आदत भी डालो। इससे पूर्व आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट, आरती की गई। दोपहर को बड़े मंदिर में चल रहे भक्तामर प्रशिक्षण शिविर में आचार्यश्री ने शिविरार्थियों को समझाया कि भगवान महावीर निर्वाण के सात सौ वर्षों बाद महान आचार्य श्री ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.