जमशेदपुर, मार्च 24 -- झारखंड के अंगीभूत महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई बंद होने के बाद अब वहां के खातों में जमा करोड़ों रुपये के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। झारखंड अंगीभूत महाविद्यालय इंटरमीडिएट शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. राकेश कुमार पाण्डेय ने एक बयान जारी कर इस गंभीर मुद्दे की ओर सरकार का ध्यान खींचा है। उनका कहना है कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह बंद होने और 12वीं की परीक्षा के बाद अब कॉलेजों में इंटर के छात्र नहीं बचे हैं, जिसके कारण राज्य भर में कार्यरत लगभग 2000 शिक्षक और कर्मचारी अचानक बेरोजगार हो गए हैं।डॉ. पाण्डेय ने आशंका जताई है कि इंटरमीडिएट सेक्शन के आंतरिक स्रोतों से जो लाखों-करोड़ों रुपये खातों में पड़े हैं, उनका अब कोई उपयोग करने वाला नहीं बचा है। उन्होंने चिंता जाहिर की है कि शिक्षकों और कर्मचारियों की ...