रुद्रपुर, मार्च 18 -- दिनेशपुर, संवाददाता। प्राचीन भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प, विश्व शांति की कामना और साधु विदाई के साथ हरि मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय महावारुणी स्नान महोत्सव का समापन हो गया। बुधवार को नाट मंदिर परिसर में आयोजित शांति सभा में आचार्य विवेकानंद महाराज ने हरिभक्तों से ठाकुर हरिचांद की 12 आज्ञाओं का पालन करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। अंतिम दिन सुबह कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात कीर्तन और 'हरिलीलामृत' ग्रंथ के पाठ से हुई। धर्मालोचना के दौरान वक्ताओं ने ठाकुर हरिचांद के जीवन और दलितों एवं शोषितों के उत्थान के लिए उनके संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने समाज के निर्बल वर्ग के लिए जो कार्य किए, उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। महाराज ने मतुआ अनुय...