धनबाद, सितम्बर 21 -- धनबाद, वरीय संवाददाता महालया के साथ से दुर्गोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। जिलेभर के सभी देवी मंदिर महिषासुर मर्दिनी के स्तोत्र से गुंजायमान होंगे। पश्चिम बंगाल से निकट होने के कारण यहां के दुर्गोत्सव में बांग्ला संस्कृति व परंपराओं का गहरा प्रभाव है। इसलिए महालया भी यहां धूमधाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा कैलाश पर्वत से धरती के लिए प्रस्थान करती हैं। संध्या में मां पृथ्वी लोक आती हैं और पूरे नौ दिनों तक यहां रह कर धरतीवासियों पर अपनी कृपा की अमृत बरसाती हैं। इस बार मां का आगमन हाथी पर हो रहा है और गमन पालकी है। 22 सितंबर दिन सोमवार को कलश स्थापना है। सुबह से ही मंदिरों में गूंजने लगते हैं मां दूर्गा के स्त्रोत महालया पर सुबह से ही महिषासुर मर्दिनी के स्तोत्र गूंजने लगते हैं। ओजस्वी स्वर में मां के ...
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