महारास में दिखा कृष्ण-गोपियों के प्रेम का आध्यात्मिक स्वरूप
मेरठ, अक्टूबर 8 -- शारदा रोड स्थित महारास-नारायण सत्संग भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास आचार्य बृज किशोर तिवारी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के महारास, कंस वध, उद्धव मिलन और रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस दौरान कृष्ण गोपियों के प्रेम का आध्यात्मिक स्वरूप भी नजर आया। आचार्य बृज किशोर तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज की गोपियों के बीच का निश्छल और आध्यात्मिक प्रेम ही महारास कहलाता है। महारास के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने प्रेम, भक्ति और समर्पण का महत्व समझाया। यजमान मदनलाल वर्मा और विशाल अग्रवाल के परिवार ने संयुक्त रूप से आरती की। यह भी पढ़ें- Sambhal News: फोटो-रुकमणि-श्रीकृष्ण विवाह की झांकी देख झूमने लगे श्रद्धालु इस दौरान समिति सदस्य अमित वर्मा, संगीता अग्रवाल, नीलम, शिल्प...
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