रामपुर, मार्च 26 -- जिला पंचायत में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जेल में बंद आरोपी बाबू को महाराष्ट्र के एक परिवार ने अपना बेटा और भाई बताकर मुलाकत की। लेकिन,15 मिनट की मुलाकात के बाद आरोपी बाबू ने पहचाने से इंकार कर दिया। जिसके बाद मुलाकात के लिए आया पूरा परिवार वापस महाराष्ट्र लौट गया। जेल रोड नालापार जुम्मा बाजार निवासी फारूख खां अधिवक्ता थे। उनकी पत्नी गौशिया निशा जिला पंचायत में बाबू के पद पर तैनात हैं। यहीं पर असगर अली भी बाबू के पद पर है। आरोप था कि किसी बात को लेकर असगर अली की गौसिया निशा से कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद गोली लगने से अधिवक्ता फारूख खां की मौत हो गई थी। इस मामले में आरोपी बाबू असगर अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस बीच आरोपी बाबू असगर अली की गिरफ्तारी की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल होने के ब...