नई दिल्ली, नवम्बर 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि सभी निकायों के चुनाव परिणाम शीर्ष अदालत के फैसले पर निर्भर करेंगे। इन स्थानीय निकायों में ऐसे निकाय भी शामिल हैं जहां आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को पार किया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण से संबंधित 27 याचिकाओं पर 21 जनवरी 2026 को तीन जज की पीठ द्वारा अंतिम सुनवाई की जाएगी। शुरुआत में, राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता बलबीर सिंह ने कहा कि कुल 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतें हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन केवल 40 नग...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.