नई दिल्ली, अक्टूबर 14 -- ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की लापरवाही दिखाने वाली एक घटना में महाराष्ट्र के बीड जिले में सामने आई है, जहां एक मजदूर को अपनी 11 साल की बेहोश बेटी को कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा। उसे सरकारी एम्बुलेंस से इसलिए उतार दिया गया था, क्योंकि वह मेडिकल स्टाफ द्वारा डीजल के लिए मांगे गए रुपये नहीं दे पाया था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पिछले महीने मजलगांव तहसील के डिंडरुड प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) में हुई इस घटना का वीडियो वायरल होने और लोगों में नाराजगी फैलने के बाद स्वास्थ्य प्रशासन ने मेडिकल ऑफिसर डॉ नीलेश ढाकने को उनके पद से हटा दिया है।

घटना और प्रशासनिक कार्रवाई जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डॉ उल्हास गंडल ने बुधवार को बताया कि उनके निलंबन सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव स्वास्थ्य सेवा आयुक्त को भेजा गया...