बहराइच, दिसम्बर 12 -- बहराइच, संवाददाता। महाराजगंज बवाल मामले में दर्ज पहली एफआईआर के फास्ट ट्रैक कोर्ट अंदाज में आए कड़े फैसले से इस मामले के अन्य 11 दर्ज हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़, मारपीट में नामजद आरोपियों का दिन का चैन गायब हो गया है। आंखो से रात की नींद उड़ गई है। दर्ज मामले के आरोपियों ने अपने अधिवक्ताओं से केस को लेकर सलाह मशविरों का माहौल बन गया है। हरदी थाने के महाराजगंज में 13 अक्तूबर 2024 की रात गोली लगने से घायल राम गोपाल मिश्रा की मौत के बाद हिंसा के मामले बढ़ गए थे। शहर में ही मेडिकल कॉलेज के पास लोगों ने लाश रख तोड़फोड़ की थी। कुछ ढावलियों में आग लगा दी गई थी। यही नही नाराज लोगों को समझाने आए महसी विधायक सुरेश्वर सिंह की कार पर पथराव कर दिया था। उधर महाराजगंज से हिंसा बढ़कर भगवानपुर चौराहे पर भी तोड़ फोड़ हुई थी। महाराजगंज हिं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.