महायोगी गोरखनाथ के हठयोग का ही स्वरूप है वर्तमान योग
वाराणसी, जून 16 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आम धारणा है कि योग महर्षि पतंजलि की देन है। वास्तविकता इससे इतर है। महर्षि पतंजलि ने योग के समस्त सूत्रों के मध्य समन्वय स्थापित कर उसे संकलित किया था। योग के इतिहास की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि सबसे पहले योगी के रूप में आदिनाथ और शिव दो नामों का उल्लेख मिलता है। ये दोनों कोई और नहीं देवाधिदेव महादेव ही हैं। हाल में किए गए एक शोधपरक अध्ययन में सामने आया है कि आदिनाथ ने योग का प्रारंभ किया। भगवान शिव को योग का संस्थापक (आदियोगी) कहा गया है। यह भी स्पष्ट है कि पार्वती उनकी पहली शिष्या थीं। देवी पार्वती के आग्रह पर ही महादेव ने नाथ पंथ की स्थापना की और मच्छिंद्रनाथ नाम के पहले ऋषि को योग का संपूर्ण ज्ञान दिया। मच्छिंद्रनाथ ने महायोगी गुरु गोरखनाथ को अपना शिष्य बनाया तथा उन्हें योग का संपूर्...
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