महामारी रोकने के लिए गावां में शुरू हुई थी चैती दुर्गापूजा
गिरडीह, मार्च 23 -- गावां। जिला मुख्यालय के अंतिम छोर पर पर्वत शृंखलाओं के बीच बसा है गावां। वैसे संपूर्ण प्रखंड में कई धार्मिक धरोहर हैं। तथापि इनमें गावां का आकर्षक व खूबसूरत कालीमंडा अव्वल है। इसका निर्माण स्व पुहकरण नारायण सिंह ने 18वीं सदी के पूर्वार्द्ध में कुशल कारीगरों से कराया था। माता का भवन तकरीबन 30 फीट ऊंचा और 70 फीट लंबा है। मण्डप की दीवारों के निर्माण के मिश्रण में बेल का गुदा, उड़द का पानी, गुड़, शंख का पानी आदि का प्रयोग हुआ था। फलस्वरूप दीवारें आज भी समतल, चिकनी व समीचिन दिखती है। आरंभिक कालखण्ड में मण्डप के भवन के ऊपर घोड़े, हाथी, परियां आदि बने थे। मण्डप के अंदर और बाहरी ऊपरी भागों में नयनाभिराम नक्काशी आज भी विद्यमान है।क्यों शुरू हुई गावां में चैती दुर्गापूजाराजपरिवार के सदस्य शार्दूल सिंह सिसोदिया द्वारा उपलब्ध जानकारी...
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