नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन पर 'महाभियोग' चलने वाला था। यानी संसद द्वारा जज को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। 9 अप्रैल जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपना इस्तीफा सीधे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा। इस इस्तीफे के साथ ही उन पर संसद में चल रही महाभियोग की कार्यवाही भी बीच में ही रुक गई है। भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में यह केवल तीसरी बार है जब किसी सिटिंग जज ने महाभियोग की प्रक्रिया पूरी होने से ठीक पहले इस्तीफा दिया है।पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले भारतीय संविधान में किसी भी जज को हटाना एक बेहद जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव का पास होना जरूरी है। आज तक भारत में किसी भी जज को सफलतापूर्वक महाभियोग के जरिए नहीं ह...